Patna News:- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सकरा थाना क्षेत्र के नवलपुर मिश्रौलिया वार्ड संख्या-04 में गरीबी और पारिवारिक हालात से टूट चुके एक पिता ने अपनी तीन बेटियों के साथ फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। वहीं दो मासूम बेटों को भी मारने की कोशिश की गई, लेकिन वे किसी तरह बच गए। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान अमरनाथ राम के रूप में हुई है, जो मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अमरनाथ राम की पत्नी की मौत करीब एक वर्ष पूर्व हो चुकी थी, जिसके बाद वह अपने पांच बच्चों—तीन बेटियों और दो बेटों—के साथ रह रहा था। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ वह लंबे समय से झेल रहा था।
मृतक के चाचा सीताराम राम ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब चार बजे एक बच्चा दौड़ते हुए आया और बोला कि “पापा सबको फांसी पर झुला दिए और खुद भी झूल गए हैं।” जब लोग घर पहुंचे तो देखा कि अमरनाथ राम अपनी तीन बेटियों अनुराधा, शिवानी और राधिका के साथ फंदे से लटके हुए थे। यह दृश्य देखकर पूरे परिवार और गांव के लोग सन्न रह गए।
परिजनों ने बताया कि अमरनाथ राम कभी-कभार मजदूरी करता था, लेकिन लगातार काम नहीं मिल पाने के कारण घर की स्थिति बेहद खराब थी। डीलर से मिलने वाले राशन के सहारे ही परिवार का गुजारा हो रहा था। बीते वर्ष होली के आसपास पत्नी की मौत के बाद से वह पूरी तरह टूट गया था। पड़ोसी जितेंद्र कुमार ने भी बताया कि वह शांत स्वभाव का व्यक्ति था, लेकिन अचानक इतना बड़ा कदम उठाना किसी को समझ में नहीं आ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही सकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के परिवार में अब केवल दो मासूम बेटे शिवम और अभिराज ही जीवित बचे हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग उनके भविष्य को लेकर चिंतित हैं। घटना ने एक बार फिर समाज में गरीबी, बेरोजगारी और मानसिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों पर सोचने को मजबूर कर दिया है।

