Hazaribagh News : जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना में हाथियों के झुंड ने दो लोगों को कुचल दिया, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, बीते दो दिनों में हाथी हमले में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है। यह घटना हजारीबाग जिले में सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है।
रात 9 बजे गांव में घुसे हाथी, कच्चे घर को बनाया निशाना
बताया जा रहा है कि देर शाम करीब 9 बजे पांच हाथियों का झुंड चुरचू प्रखंड के बेहरा पंचायत स्थित कजरी के भुरकुंडा टोला में घुस गया। हाथियों ने एक कच्चे मकान को निशाना बनाया, जहां सो रही महिला फुल मनी देवी को कुचल दिया गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनके पति राजेश मुर्मू पीछे के रास्ते से भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हाथी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल में जारी है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, इलाके में धारा 163 लागू
घटना के बाद प्रशासन ने हालात को देखते हुए गोंदवार और आसपास के क्षेत्रों में धारा 163 लागू कर दी है। हालांकि यह आदेश प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल और आवश्यक सामाजिक कार्यक्रमों पर लागू नहीं होगा। यह आदेश 13 फरवरी 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह पूरा इलाका झारखंड राज्य में आता है।
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वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त निगरानी
जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। बहेरा पंचायत के कजरी, चनारो, तापीन, पिपरा और पिंडरा इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के पास न जाएं, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि आगे किसी बड़ी घटना को रोका जा सके। यह समस्या देश के कई हिस्सों में देखी जाती रही है, खासकर भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की चिंता जताई जाती रही है।
