Nawada News: बिहार में नक्सल मोर्चे पर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और नवादा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 2016 के खरौंध रेलवे स्टेशन बेस कैंप हमले के आरोपी हार्डकोर नक्सली रामप्रीत यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र के ठुल्लू बीघा गांव का रहने वाला है और पिछले नौ वर्षों से फरार चल रहा था।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रामप्रीत अपने गांव में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमन के निर्देश पर जिला आसूचना इकाई (DIU) और सिरदला थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ के सहयोग से गुरुवार को छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी को बिना किसी संघर्ष के गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने उसे गया एसटीएफ कैंप में पूछताछ के लिए ले जाया, जहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे सिरदला थाना को सौंप दिया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रामप्रीत पर नवादा, जहानाबाद और गया जिलों में कई नक्सली मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
गौरतलब है कि 3 नवंबर 2016 को तिलैया-कोडरमा रेलखंड के निर्माणाधीन खरौंध रेलवे स्टेशन बेस कैंप पर माओवादियों ने लेवी नहीं मिलने पर भीषण हमला किया था। नक्सलियों ने उस दौरान ठेकेदारों और मजदूरों के साथ मारपीट की थी और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में सिरदला थाना कांड संख्या 264/16 दर्ज हुई थी, जिसमें 63 माओवादी नामजद किए गए थे।
पिछले कुछ महीनों में सिरदला पुलिस और एसटीएफ ने इस प्रकरण में आधा दर्जन से अधिक नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इंद्रजीत महतो उर्फ पंकज उर्फ पप्पू और संतोष चौधरी जैसे हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं, जिन्हें अरवल जिले के परासी थाना क्षेत्र से मजदूरी के दौरान पकड़ा गया था।

