औरंगाबाद।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-12 दिनेश कुमार प्रधान की अदालत ने शनिवार को संपत्ति विवाद में हुए संगीता देवी और उनकी पुत्री प्रियंका कुमारी हत्याकांड के आरोपी कामेश्वर सिंह सहित उनके दो पुत्रों ब्रजेश सिंह व अनुज सिंह तथा दो बहुएं बेबी देवी और सरमिता देवी को उम्र कैद तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि एक अन्य आरोपी जय कुमार को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया गया है। अदालत के फैसले से परिजनो का रो रोकर बुरा हाल है।
दोहरे हत्याकांड को लेकर मृतका संगीता देवी के इंजीनियर पुत्री खुशबू कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए हत्यारो को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभायी। जिले के नवीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रजवरिया गांव की संगीता देवी और उनकी पुत्री प्रियंका कुमारी की बेरहमी से तेज हथियार से हत्या कर दी गई थी। फिर दोनो का शव करखर नदी में बोरा में बंद कर फेंक दिया गया था। बाद में दोनो का शव पुलिस ने अलग अलग स्थानो से बरामद किया था।
हत्या का आरोप मृतका संगीता देवी के ससुर कामेश्वर सिंह और देवर ब्रजेश सिंह व अनुज सिंह तथा उसके दोनो गोतनी बेबी देवी एवं सरमिता देवी तथा एक अन्य जय कुमार पर लगाते हुए खुशबू कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील नरेश प्रसाद तथा पीड़ित के पक्ष से योगेंद्र नारायण सिंह तथा बचाव पक्ष से वकील भानु प्रताप सिंह व योंगेद्र प्रसाद योगी ने दलीले रखी।
सजा सुनाने के उपरांत सजायफ्ता आरोपी बेबी देवी न्यायालय परिसर में ही अपने ससुर पर भड़क उठी। उसने खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि अब रख ल बेईमानी करके पैसा। जानकारी अनुसार पारिवारिक बंटवारा के तहत मृतका संगीता देवी को डेढ़ लाख रूपए दिया जाना था, जो उसके ससुर कामेश्वर सिंह अपनी विधवा बहु को नहीं दे रहे थे। मृतका संगीता देवी ने इस बात का जिक्र अपनी बेटी खुशबू को लिखे पत्र में की थी।

