Koderma News:- झारखंड के पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत राज्य के नौ जिलों के जिला परिषद अध्यक्षों, डीपीएम और डीपीआरसी के लिए आईआईएम बोधगया में पांच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया है। यह प्रशिक्षण 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा।
इस प्रशिक्षण में कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, गोड्डा, साहेबगंज, सरायकेला-खरसावां, चतरा और रामगढ़ जिलों के जिला परिषद अध्यक्ष, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) एवं जिला परियोजना समन्वयक (डीपीआरसी) शामिल हैं।
यह कार्यक्रम झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजना के तहत आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रबंधन, नेतृत्व, योजना क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के आधुनिक तरीकों से परिचित कराना है।
आईआईएम बोधगया के प्रख्यात शिक्षकों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को पंचायती शासन की शक्ति और राजनीतिक गतिशीलता, सिद्धांत-आधारित नेतृत्व, पंचायत के वित्तीय पहलू, सामाजिक उत्तरदायित्व और विकास योजनाओं के प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कोडरमा जिला परिषद अध्यक्ष रामधन यादव ने कहा—आईआईएम जैसी प्रतिष्ठित संस्था में प्रशिक्षण लेना हमारे लिए एक अनूठा अनुभव है। यह प्रशिक्षण पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रबंधन और तकनीकी दक्षता के साथ जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में योजनाओं को और बेहतर ढंग से लागू कर पाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि पंचायती राज की नीतियों को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। इससे पंचायत से लेकर जिला परिषद तक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे।
प्रशिक्षण में शामिल जिला परिषद अध्यक्षों में शांति देवी (गढ़वा), पूनम देवी (लातेहार), बेबी देवी (गोड्डा), मोनिका किस्कू (साहेबगंज), सोना राम बोदरा (सरायकेला-खरसावां), ममता कुमारी (चतरा), सुधा चौधरी (रामगढ़) समेत संबंधित डीपीएम और डीपीआरसी उपस्थित हैं।
यह प्रशिक्षण झारखंड में स्थानीय स्वशासन प्रणाली को आधुनिक प्रबंधन दृष्टिकोण से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

