Chaibasa News:- पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय में बुधवार को नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उपायुक्त चंदन कुमार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस दौरान बैठक का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बन गया।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, विधायक सुखराम उरांव, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ चंपिया, जिला मानकी मुंडा संघ, आदिवासी हो महासभा और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। इन सभी ने तांबो चौक क्षेत्र में नो-एंट्री लागू करने, पुलिस द्वारा गिरफ्तार ग्रामीणों की रिहाई और घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के मुताबिक, ज्ञापन सौंपने के दौरान मीडिया को लेकर की गई एक टिप्पणी पर मधु कोड़ा भड़क उठे। उन्होंने कहा कि “नेताओं की वजह से ही देश चलता है और अधिकारी अपनी कुर्सियों पर बैठे हैं। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, उसके साथ गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मधु कोड़ा ने प्रशासन से कहा कि जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ लिया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में पूरे झारखंड में व्यापक आंदोलन और बंद का आह्वान किया जाएगा।
वहीं, उपायुक्त चंदन कुमार ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। बताया गया है कि चाईबासा शहर में भारी वाहनों के आवागमन से लगातार जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है, जिसके कारण स्थानीय लोग और संगठन लंबे समय से नो-एंट्री व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
इधर, तांबो चौक में 27 अक्टूबर को हुए पुलिस-ग्रामीण टकराव का मामला अब पूरे कोल्हान क्षेत्र में उबाल पर है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को कोल्हान बंद का व्यापक असर देखा गया। ज्ञापन सौंपने के बाद कुछ देर तक तनावपूर्ण माहौल रहने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्थिति को संभाल लिया।

