Jamshedpur News: झारखंड के दिवंगत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा निबंधन विभाग के मंत्री रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर शनिवार को दिल्ली से रांची होते हुए उनके विधानसभा क्षेत्र घाटशिला लाया गया। घाटशिला के एचसीएल ग्राउंड में पार्थिव शरीर रखा गया, जहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। समर्थकों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई दी और पूरे मैदान में “रामदास सोरेन अमर रहें” के नारे गूंजते रहे।
बता दें कि गत दो अगस्त को रामदास सोरेन अपने आवास के बाथरूम में फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर में चोट लगने और ब्रेन हेमरेज की स्थिति बनने के बाद उन्हें पहले रांची में इलाज कराया गया और फिर बेहतर चिकित्सा के लिए एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया। वे पिछले कई दिनों से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
झामुमो के वरिष्ठ नेता और घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे। उन्होंने यहां से दो बार जीत हासिल की और शिक्षा मंत्री के रूप में राज्य के शैक्षणिक विकास के लिए कई अहम पहल कीं। झारखंड आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। जनता के बीच उनकी पहचान एक सुलभ और संघर्षशील जननेता की थी, जो हमेशा लोगों की समस्याओं को सुनते और समाधान की कोशिश करते थे।
उनके निधन की खबर से झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत में गहरा शोक है। मुख्यमंत्री सहित तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके निधन को राज्य की अपूरणीय क्षति बताया। घाटशिला में अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और जनसैलाब अपने प्रिय नेता को विदा कर रहा है। जल्द ही उनका अंतिम संस्कार उनके गृह नगर में किया जाएगा।

