Ranchi News:- राजधानी रांची में जमीन की हेराफेरी के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो दिनों तक चली छापेमारी अभियान को बुधवार को समाप्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान ईडी की टीम ने 60 लाख रुपये नकद, जमीन कारोबार से जुड़े अहम दस्तावेज और कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं।
मामला रांची के कांके अंचल क्षेत्र से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर दस्तावेजों में हेरफेर कर आदिवासी जमीन गैर-आदिवासियों को बेचने का आरोप है। ईडी ने 23 सितंबर को इस मामले में कांके रिसोर्ट के संचालक बीके सिंह, दुर्गा डेवलपर के मालिक अनिल झा, और गुंजन सिंह से जुड़े लोगों के खिलाफ छापेमारी शुरू की थी।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने रांची के छह और दिल्ली के तीन ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। इस दौरान बीके सिंह और उनके सहयोगियों के घरों से 60 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके साथ ही जमीन खरीद-बिक्री से संबंधित कई अहम दस्तावेज और पैसों के लेन-देन के सबूत भी जब्त किए गए।
गौरतलब है कि कांके अंचल के इस जमीन फर्जीवाड़ा मामले में पहले भी कई अधिकारियों पर शिकंजा कस चुका है। कमलेश कुमार सिंह समेत कई अंचल अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर हो चुका है। जांच के दौरान कमलेश सिंह के ठिकानों से पहले ही एक करोड़ रुपये नकद और रायफल के कारतूस बरामद किए गए थे। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है, जबकि आरोपित अंचल अधिकारी जयकुमार राम की मौत हो चुकी है।
ईडी ने जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि जमीन की हेराफेरी से अर्जित रकम को कहां और कैसे निवेश किया गया। माना जा रहा है कि इस केस में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।

