ईडी ने पूछा-किशुन देव राय ने 3 हजार वर्ग फीट की जमीन मात्र 3 लाख 75 हज़ार रुपये में राबड़ी देवी को ही क्यों बेची?

Patna News : जमीन के बदले नौकरी मामले में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने करीब चार घंटे तक पूछताछ की। 70 वर्षीय लालू यादव सुबह करीब 10.30 बजे पटना में ईडी के बैंक रोड कार्यालय पहुंचे थे। उनकी सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती, जो पाटलिपुत्र से राजद की सांसद भी हैं, अपने पिता के साथ थीं।
ईडी के अधिकारियों ने लालू यादव से पूछताछ में उनसे सवाल किया कि किशुन देव राय ने 3 हजार वर्ग फीट की जमीन मात्र 3 लाख 75 हज़ार रुपये में राबड़ी देवी को ही क्यों बेची? राज कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार और अजय कुमार से आप कब मिले थे? ईडी ने लालू यादव से पूछा कि आपसे मिलने और राबड़ी देवी को जमीन मिलने के बाद ही इन तीनो को मध्य रेलवे मुम्बई में ग्रुप डी के पद पर नौकरी क्यों मिली? राबड़ी देवी के नाम जमीन रजिस्ट्री होने के बाद संजय राय और उसके परिवार के दो सदस्य को रेलवे में नौकरी मिली, ऐसा क्यों?
जमीन रजिस्ट्री के बाद ही किरण देवी के बेटे अभिषेक कुमार को सेंट्रल रेलवे मुंबई में नौकरी मिली, ऐसा क्यों? किरण देवी ने अपनी 80 हजार 905 वर्ग फीट जमीन तीन लाख सत्तर हजार में आख़िर आपकी बेटी मीसा भारती को ही क्यों दी?
इससे पहले मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बड़े बेटे पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव से ईडी ने लम्बी पुछ ताछ की थी। दोनों से पटना स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ हुई थी दोनो ने वहां से बाहर निकलने के बाद मीडिया से कोई बात नहीं की। राबड़ी, तेजप्रताप और लालू के बयान धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही हैं। इससे पहले पुर्व सी एम
राबड़ी देवी अपनी सांसद बेटी मीसा भारती के साथ ईडी कार्यालय पहुंची थी। उनसे ईडी की टीम ने लंबी पूछताछ की। उनसे ईडी ने सात सवाल किये। राबड़ी देवी से ईडी के अधिकारियों ने पूछा कि आपके नाम जो जमीन है वो आपने कैसे अर्जित की। जिन लोगों से नौकरी के बदले जमीन ली गई आप उन्हे कैसे जानती है। उन लोगों को नौकरी देने के लिए आपने पैरवी क्यों की।सबूत दिखाते हुए पुछा था की पटना में अपार्टमेंट और न्यू फ्रेंडस कॉलोनी में बंगला कैसे लिया।
राबड़ी देवी के साथ ईडी के अधिकारियों ने उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव से भी पूछताछ की गई थी। इस मामले में तेजप्रताप यादव से ईडी ने पहली बार पूछताछ की। ईडी ने राबड़ी देवी से 4 घंटे तक सवाल किए। जबकि तेज प्रताप से 4.5 घंटे तक पूछताछ चली।इससे पहले ईडी ने 20 जनवरी को लालू यादव और तेजस्वी यादव से लंबी पूछताछ की थी और 50 से अधिक सवाल पूछे थे।ईडी के सूत्र की यदि माने त लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को ईडी ने लैंड फाॅर जाॅब मे जमकर घेरे मे लेना शुरू कर दिया है।ईडी पुछ ताछ के क्रम मे सबूत के दस्तावेज को भी प्रस्तुत कर रही है।
आज ईडी ने लालू प्रसाद यादव से सवाल किया की उन्होने अपने कार्यकाल में नियम के विरूद्ध कितने लोगो को नियुक्त किया ? ,क्या नौकरी के एवज मे जमीन के अलावा पैसा भी लिया था ।अपने परिवार के कुल कितने लोगो को लाभ अर्जित कराया था ।इस कार्य मे रेलवे के कौन कौन अधिकारी की सहभागिता शामिल थी। अधिकांश सवाल में लालू ने खामोशी साध ली ।ईडी ने जो भी सवाल किया उनके साक्ष्य को भी दिखाई।
आज बिहार और झारखंड की राजनीतिक गलियारे मे ईडी के द्वारा लालू परिवार को लैंड फाॅर जाॅब मामले मे पुछ ताछ की चर्चा जोरो पर चल रही है ।चारा घोटाला की तरह ईडी के द्वारा लालू परिवार से पुछ ताछ की खबर सुर्खियों मे है। अब सवाल यह उठ रहा है कि चारा घोटाला मे त लालू प्रसाद यादव परिवार से अकेले थे परन्तु रेलवे मे लैंड फाॅर जाॅब मामले मे परिवार के अधिकांश सदस्य ईडी की गिरफ्त मे आते जा रहे है।रेलवे मे लैंड फाॅर जाॅब में उनके संवाहक सभी भूमिगत हो गये है ।एक भी संवाहक ईडी की जारी प्रक्रिया मे नजर नही आ रहे है ।लैंड फाॅर जाॅब का कानूनी प्रक्रिया जटिल और लम्बा चलने की सम्भावना दिख रही है।आने वाले समय मे बिहार विधान सभा का चुनाव भी है ।विरोधी दल इसे अपना हथियार बनाने को आतुर हो रहे है।राजद के मित्रों कांग्रेस ,झामुमो समेत वामदल ने भी खामोशी साध ली है। राजद के अंदर भी वैमनस्यता खिंचातानी बनने की सम्भावना बन सकती है।
अगर मैं राजनीति में नहीं होता तो मुझे इसमें घसीटा नहीं जाता- तेजस्वी
इस बीच, लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने ईडी की पूछताछ पर मीडिया से कहा कि जितना अधिक हमें परेशान किया जाएगा, हम उतने ही मजबूत होते जाएंगे। बेशक, यह मामला राजनीति से प्रेरित है। अगर मैं राजनीति में नहीं होता तो मुझे इसमें घसीटा नहीं जाता। मैंने दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद भविष्यवाणी की थी कि अब एजेंसियां बिहार की ओर अपना रुख करेंगी।
उधर तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए जद(यू) एमएलसी और प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद ने जो बोया है, वही काट रहे हैं। बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में वे चारा घोटाले में शामिल थे। उन्हें अदालत ने दोषी ठहराया है और वे चुनाव लड़ने के अयोग्य हैं। राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप फर्जी है। चारा घोटाले में सीबीआई का आरोप-पत्र इंद्र कुमार गुजराल के प्रधानमंत्रित्व काल में दायर किया गया था, जिनके साथ राजद सुप्रीमो के बेहतरीन संबंध थे। उन्होंने कहा कि नौकरी के लिए जमीन घोटाला उस समय का है, जब राजद सुप्रीमो कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार के पहले कार्यकाल में रेल मंत्री थे।