Ranchi News:- झारखंड में भाजपा के अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में उजागर हो रहे जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड घोटाले को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है।
मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार को कहा कि बोकारो में सामने आए घोटाले के मामले केवल झारखंड में व्यापक भ्रष्टाचार की “झांकी” हैं। उन्होंने बताया कि कोडरमा और धनबाद जिलों से भी डीएमएफटी फंड से जुड़े नए घोटाले सामने आ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आमतौर पर आईएएस अधिकारी अपने अनुभव के साथ जिले बदलते हैं, लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार में अधिकारी अपने पुराने दलाल और ठेकेदार साझेदारों के साथ भी काम करते हैं।
मरांडी ने बताया कि कोडरमा में उपायुक्त रहते हुए आदित्य रंजन ने “स्किल डेवलपमेंट” के नाम पर प्रबंधन एवं उद्यमिता एवं व्यावसायिक कौशल परिषद (एमईपीएससी) और तितली फाउंडेशन के साथ मिलकर डीएमएफटी फंड का दुरुपयोग किया। अब जब वे धनबाद के उपायुक्त बने हैं, तब वही खेल दोबारा शुरू हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर मनचाही कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया है कि कोडरमा में वर्ष 2022–24 के दौरान डीएमएफटी फंड के उपयोग की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही आदित्य रंजन और प्रांजल मोदी के बीच के संबंधों की भी जांच की जानी चाहिए।
मरांडी ने यह भी मांग की कि धनबाद में डीएमएफटी फंड से जुड़े सभी चल रहे टेंडर प्रक्रियाओं को तत्काल रोका जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करायी जाए, ताकि घोटाले का पूरा सच सामने आ सके।

