बिहार को जात-पात की राजनीति से ऊपर उठकर नए रास्ते पर चलना होगा- चिराग
Purnia News: पूर्णिया का ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान रविवार को राजनीति के सबसे बड़े आयोजनों में से एक का गवाह बना। लोजपा (रामविलास) की नव संकल्प महासभा में उमड़े जनसैलाब ने यह साफ कर दिया कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जब मंच पर पहुंचे, तो भीड़ ‘बिहार का भविष्य चिराग पासवान’ के नारों से गूंज उठी।
विशाल पंडाल, जगह-जगह लगी एलईडी स्क्रीन, सजे-धजे मंच और पार्टी के झंडों व कटआउट्स से पूरा मैदान उत्सव स्थल जैसा दिख रहा था। भीड़ में महिलाओं और युवाओं की भारी भागीदारी ने इस सभा को खास बना दिया। अपने जोशीले संबोधन में चिराग पासवान ने कहा कि बिहार को जात-पात की राजनीति से ऊपर उठकर नए रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने नया एमवाई समीकरण पेश किया – एम का मतलब महिला और वाई का मतलब युवा। उनका कहना था कि अब राजनीति में महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व को प्राथमिकता देनी होगी।
सभा की शुरुआत में चिराग पासवान ने पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि यह आयोजन केवल सभा नहीं, बल्कि संकल्प है – ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का। उन्होंने भावुक लहजे में कहा – “मुझे डराने और तोड़ने की साजिशें की गईं, लेकिन मैं रामविलास पासवान का बेटा हूं। जनता की सेवा ही मेरा धर्म है।” चिराग ने बेरोजगारी, पलायन, महिलाओं की असुरक्षा और धीमे विकास जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य का चुनाव होगा। उनकी अपील थी कि जनता एकजुट होकर बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाए।
सभा में प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और सांसद अरुण भारती ने भी जनता को संबोधित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि यह आयोजन केवल राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि नए बिहार की नींव रखने वाला जनआंदोलन है।सभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। ट्रैफिक और पार्किंग के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। भीड़ इतनी विशाल थी कि पूर्णिया से लेकर पूरे सीमांचल में एक ही नारा गूंजता रहा – “चिराग पासवान जिंदाबाद, बिहार का भविष्य चिराग पासवान!”
महिलाओं, युवाओं, किसानों और मजदूरों की बढ़ी हुई भागीदारी ने यह साफ संदेश दिया कि जनता अब बदलाव चाहती है और उस बदलाव के केंद्र में चिराग पासवान दिखाई दे रहे हैं।

