Ranchi News:- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन का पालन नहीं करने से जुड़े मामले में रांची स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सशरीर पेश हुए। अदालत में कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने 7-7 हजार रुपये के दो बेल बॉन्ड भरे। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी।
इस दौरान अदालत में राज्य के महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन भी मौजूद रहे। मामला पिछले कई महीनों से चल रहा है, जिसमें ईडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री सोरेन ने उनके द्वारा भेजे गए समन का पालन नहीं किया। इसी आधार पर ईडी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। यह केस एमपी-एमएलए कोर्ट में कांड संख्या 2/2024 के रूप में लंबित है।
मुख्यमंत्री के वकीलों की ओर से इस मामले में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग की गई थी। हालांकि झारखंड उच्च न्यायालय ने 4 दिसंबर को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना अंतरिम आदेश समाप्त कर दिया था और सोरेन को अदालत में स्वयं उपस्थित होकर बेल बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय ने साथ ही एमपी-एमएलए कोर्ट को मामले की ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया था।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री सोरेन अदालत में पहुंचे और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया। अदालत से जमानत मिलने के बाद उन्हें राहत मिल गई। अब अगली सुनवाई में उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होना पड़ेगा और वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर काफ़ी चर्चा है, क्योंकि यह एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री से जुड़ा प्रकरण है। ईडी की ओर से दाखिल की गई शिकायत में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने समन का जवाब नहीं दिया, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री के पक्ष का कहना है कि समन की प्रक्रिया में कई कानूनी विसंगतियां थीं।
फिलहाल जमानत मिल जाने के बाद मुख्यमंत्री सोरेन को अस्थायी राहत मिल गई है और अब मामले की अगली सुनवाई का इंतजार है।

