वायु सेना की पुष्प वर्षा और 21 तोपों की सलामी ने बढ़ाया समारोह का गौरव
New Delhi:- स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले की प्राचीर से न केवल देश की आज़ादी का जश्न मनाया गया, बल्कि पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य बलों द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिए गए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की उपलब्धियों को भी गर्व के साथ याद किया गया। लाल किले की सजावट से लेकर वायु सेना की पुष्प वर्षा तक, समारोह में इस ऑपरेशन की झलक दिखाई दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुबह सबसे पहले राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, उसके बाद लाल किले पर पहुंचे। यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने उन्हें समारोह स्थल तक ले जाकर सलामी मंच पर पहुंचाया, जहां सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दस्ते ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का समन्वय भारतीय वायु सेना के जिम्मे था। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान विंग कमांडर एएस सेखों के पास थी। सेना दस्ते का नेतृत्व मेजर अर्जुन सिंह, नौसेना का लेफ्टिनेंट कमांडर कोमलदीप सिंह और वायु सेना का स्क्वाड्रन लीडर राजन अरोड़ा ने किया।
प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसमें फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा ने सहयोग किया। इसी दौरान स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद थल सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के 128 कर्मियों ने तिरंगे को ‘राष्ट्रीय सलामी’ दी। राष्ट्रगान की धुन वायु सेना के बैंड ने बजाई, जिसमें पहली बार 11 अग्निवीर भी शामिल हुए।
ध्वजारोहण के साथ ही भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने राष्ट्रीय ध्वज और पुष्प वर्षा के साथ आकाश को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान इस्तेमाल हुए स्वदेशी हथियारों का उल्लेख करते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ की उपलब्धियों पर जोर दिया।

