Ranchi News:- झारखंड उच्च न्यायालय ने सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच कराने संबंधी याचिका को स्वीकार कर लिया है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में दायर क्रिमिनल रिट याचिका को मंजूर करते हुए अगली सुनवाई दशहरा की छुट्टियों के बाद निर्धारित की है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता सूर्या हांसदा की पत्नी सुशीला मुर्मू और मां नीलमुनी मुर्मू ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। याचिका में राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, गोड्डा और देवघर के एसपी सहित कई अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष ने बहस की।
सुनवाई के दौरान दायर हस्तक्षेप याचिका (आईए) को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। अब मामले की अगली सुनवाई दशहरा के बाद होगी।
याचिका में कहा गया है कि सूर्या हांसदा की गिरफ्तारी 10 अगस्त को देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव से हुई थी। इसके अगले ही दिन 11 अगस्त को गोड्डा जिले के बोआरीजोर थाना क्षेत्र स्थित ललमटिया धमनी पहाड़ में पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले से गिरफ्तार सूर्या को एनकाउंटर में मार गिराने का नाटक किया।
गौरतलब है कि सूर्या हांसदा का लंबा राजनीतिक करियर रहा है। वह बोरियो विधानसभा से अब तक चार बार चुनाव लड़ चुका था। वर्ष 2009 और 2014 में उसने झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के टिकट पर चुनाव लड़ा। 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उसे प्रत्याशी बनाया था, जिसमें वह दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, 2024 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उसने पार्टी से इस्तीफा दिया और जेएलकेएम से चुनाव लड़ा था।
सूर्या हांसदा पर साहिबगंज और गोड्डा जिले में कई संगीन आपराधिक मामले भी दर्ज थे। इन मामलों के कारण ही पुलिस ने उसे कुख्यात अपराधी करार दिया था। अब उच्च न्यायालय के आदेश से इस एनकाउंटर की जांच का दायरा और गहराएगा।

