Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नया इतिहास लिख दिया है। एनडीए की सुनामी में महागठबंधन पूरी तरह बिखरता नजर आ रहा है। 243 सीटों पर जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों में एनडीए को 200 से अधिक सीटें मिलती दिख रही हैं जबकि महागठबंधन 35 सीटों के आसपास सिमट गया है। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सबसे आगे है। पार्टी 90 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बिहार की राजनीति में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।
बीजेपी का यह उभार लंबे समय के राजनीतिक सफर का परिणाम माना जा रहा है। यदि पिछले चुनावों पर नजर डालें तो 2005 में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन को बड़ी सफलता मिली थी, जिसमें जेडीयू ने 88 और बीजेपी ने 55 सीटें जीती थीं। 2010 में यह गठबंधन एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सत्ता में आया और बीजेपी ने 91 सीटों पर जीत का परचम लहराया।
हालांकि 2015 का चुनाव बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जब जेडीयू और आरजेडी के महागठबंधन ने जोरदार वापसी कर ली। इस चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 53 सीटें मिलीं, लेकिन उसका वोट शेयर बढ़कर 24.42 प्रतिशत हो गया। इसके बाद 2020 के चुनाव में लोजपा के अलग होने से जेडीयू को नुकसान हुआ लेकिन बीजेपी 74 सीटें जीतकर मजबूत स्थिति में उभरी।
अब 2025 में एनडीए ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बीजेपी और जेडीयू ने बराबर यानी 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा। रुझानों के मुताबिक बीजेपी 93 सीटें, जेडीयू 83, लोजपा (रामविलास) 19, हम 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा 4 सीटों पर बढ़त में है। इस तरह बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।
इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में एक बार फिर एनडीए का दबदबा कायम हो गया है, वहीं महागठबंधन जनता का भरोसा जीतने में नाकाम साबित हुआ है।

