Hazaribag News:- हजारीबाग में सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े चर्चित लैंड स्कैम में अब भाजपा के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद भी एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की जांच के दायरे में आ गए हैं। विधायक पर वर्ष 2010 में विवादित वन भूमि की रजिस्ट्री में पहचान बनने का आरोप है। यह मामला हजारीबाग के नेक्सजेन शोरूम की भूमि से जुड़ा बताया जा रहा है।
एसीबी ने इस घोटाले की जांच में अब तक कई बड़े अधिकारियों और कारोबारियों पर शिकंजा कसा है। जांच के दौरान हजारीबाग के तत्कालीन उपायुक्त विनय चौबे सिंह, सदर अंचल अधिकारी शैलेश कुमार, जमीन कारोबारी और शोरूम मालिक विनय सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसीबी की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार निवारण वाद संख्या 11/2025 में कुल 73 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है, जिनमें 68 नामजद हैं। यह मामला 25 सितंबर 2025 को दर्ज हुआ था।
आरोप है कि भू-माफियाओं ने सरकारी भूमि जैसे भूदान, वन भूमि, गोचर, गैर-मजरूआ आम और खास जमीन को फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर अवैध रूप से खरीद-बिक्री कर जमाबंदी करा लिया था। इस घोटाले में कई सरकारी अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें तत्कालीन अंचल अधिकारी अलका कुमारी, अंचल निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद सिंह, राजस्व कर्मचारी राम प्रकाश चौधरी और संतोष कुमार वर्मा जैसे नाम चर्चाओं में हैं।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस पूरे प्रकरण पर कहा —“मैं किसी भी गलत कार्य का न तो समर्थक रहा हूं और न रहूंगा। यह मामला जांच का विषय है। मुझे एजेंसी और सरकार पर भरोसा है। समय आने पर सच सामने आ जाएगा — दूध का दूध, पानी का पानी।”
इस घोटाले ने हजारीबाग की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब सबकी निगाहें एसीबी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

