jharkhand naxal operation : झारखंड के पलामू जिले और बिहार के गया तथा औरंगाबाद की सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ बड़ा सर्च अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में सुरक्षा बलों की कई यूनिट्स को एक साथ तैनात किया गया है। झारखंड जगुआर, आईआरबी (Indian Reserve Battalion), जैप (Jharkhand Armed Police) और जिला पुलिस बल के जवान संयुक्त रूप से ऑपरेशन चला रहे हैं। पलामू जिले के नौडीहा बाजार, हरिहरगंज और पिपरा थाना क्षेत्र के जंगलों व संवेदनशील इलाकों में एक साथ सर्च अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य निशाना प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी और टीएसपीसी के सक्रिय सदस्य हैं।
पलामू इलाके में अब गिने-चुने नक्सली ही सक्रिय
पुलिस सूत्रों के अनुसार पलामू क्षेत्र में अब नक्सलियों की गतिविधियां काफी सीमित हो गई हैं। फिलहाल इस इलाके में चार से पांच नक्सलियों के सक्रिय होने की जानकारी है, जिनमें से तीन पर इनाम घोषित है। पुलिस ने 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली नितेश यादव के अलावा 10 लाख रुपये के इनामी संजय गोदराम और मनोहर गंझू को विशेष रूप से टारगेट किया है। इसके साथ ही टीएसपीसी के 10 लाख के इनामी कमांडर शशिकांत गंझू भी सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर हैं। इनकी तलाश में लगातार छापेमारी और सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
जंगल और पहाड़ी इलाकों में तेज की गई तलाशी
झारखंड और बिहार की सीमा से सटे जंगल और पहाड़ी इलाके नक्सलियों के छिपने के लिए लंबे समय से सुरक्षित ठिकाने माने जाते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बल इन क्षेत्रों में विशेष रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं। ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से भी इलाके की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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सरकार के नक्सल मुक्त लक्ष्य को लेकर तेज कार्रवाई
दरअसल केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक पूरे देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी के तहत झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों ने अभियान तेज कर दिया है। पलामू क्षेत्र में पहले जहां नक्सलियों की मजबूत पकड़ मानी जाती थी, वहीं अब उनकी गतिविधियां केवल दो से तीन थाना क्षेत्रों तक सिमट कर रह गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि लगातार चल रहे ऐसे अभियानों से जल्द ही इस क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त किया जा सकेगा।
