Koderma News:- चाईबासा में संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने से बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने की घटना के बाद पूरे राज्य में सरकारी ब्लड बैंकों की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में उपायुक्त ऋतुराज ने शनिवार को सदर अस्पताल, कोडरमा स्थित ब्लड बैंक का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ब्लड संग्रहण, जांच और वितरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर, मरीज रजिस्टर, रिकॉर्ड रजिस्टर और रिसीविंग रजिस्टर समेत सभी अभिलेखों की गहन जांच की।
उपायुक्त ऋतुराज ने ब्लड बैंक के नोडल पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सभी रजिस्टर अद्यतन और सटीक रूप से भरे जाएं तथा ब्लड की हर यूनिट की जांच रिपोर्ट सुरक्षित रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ब्लड संग्रहण की प्रक्रिया के लिए एक मानक फॉर्मेट (Format) तैयार किया जाए और सभी सेक्शन की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, ब्लड बैंक में प्रयुक्त सभी मशीनों और उपकरणों को अपडेट करने तथा नए उपकरणों की शीघ्र खरीदारी के निर्देश दिए गए।
डीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्लड बैंक की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और मानक नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लड सैंपल की अलग रिपोर्ट तैयार की जाए, और सभी मशीनों का नियमित कैलिब्रेशन (Calibration) अनिवार्य किया जाए।
उन्होंने ब्लड बैंक से संबंधित सभी कार्यों के लिए एक एस.ओ.पी (Standard Operating Procedure) तैयार करने, सभी रिकॉर्ड्स को अद्यतन रखने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने का निर्देश दिया।
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुलदीप, डीपीएम महेश कुमार, पैथोलॉजिस्ट डॉ. मेघा तिवारी, और ब्लड बैंक के नोडल पदाधिकारी सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

