Ranchi News :- झारखंड में 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले की जांच में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को रांची से प्रिज्म होलोग्राफी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विधु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के निवासी हैं। यह इस घोटाले में एसीबी की आठवीं गिरफ्तारी है।
विधु गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) की निविदाओं के माध्यम से फर्जी जनशक्ति की तैनाती की और सरकारी धन की हेराफेरी की। एसीबी की जांच में सामने आया कि उनके नियंत्रण में एक संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें कई ठेकेदार, आबकारी अधिकारी और जनशक्ति एजेंसियां शामिल थीं।
यह घोटाला छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से भी जुड़ा पाया गया है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया ने ही विधु गुप्ता और उनकी कंपनी को झारखंड में अवैध जनशक्ति मॉडल का संचालक बताया था।
गुप्ता की एजेंसी के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों और बढ़े हुए वेतन के बिल तैयार किए गए, जिससे सरकारी कोष को करोड़ों का नुकसान हुआ। एसीबी की टीम को इस नेटवर्क के कई राज्यों में फैले होने के सबूत भी मिले हैं।
इस मामले में पहले ही आईएएस अधिकारी एवं पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह, JSBCL के पूर्व व वर्तमान वित्त महाप्रबंधक, एक प्लेसमेंट एजेंसी के प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह और कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसीबी का कहना है कि आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं, और यह मामला झारखंड में प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

