Motihari News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल थाना क्षेत्र में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े कथित नेटवर्क को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मोतिहारी पुलिस ने आंध्र प्रदेश की विशाखापत्तनम पुलिस के सहयोग से दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की जांच में भारतीय मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप खातों के ओटीपी साझा करने तथा इसके बदले पैसे मिलने से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। मामले की आगे जांच की जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विशाखापत्तनम पुलिस में दर्ज कांड संख्या 01/2026 के अनुसंधान के दौरान रक्सौल बाजार क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना मिली थी। इसमें आशंका जताई गई थी कि कुछ लोग कथित तौर पर भारतीय मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप खातों के ओटीपी पाकिस्तानी एजेंटों के साथ साझा कर रहे हैं।

जांच में यह भी आरोप सामने आया कि ओटीपी उपलब्ध कराने के बदले युवकों को पाकिस्तान में बैठे कथित आईएसआई एजेंटों की ओर से पैसे दिए जा रहे थे। पुलिस को संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल भारत-विरोधी गतिविधियों और जासूसी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए किया जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।
विशेष टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ा
सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने रक्सौल थाना क्षेत्र के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन में व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से ओटीपी साझा करने तथा इसके बदले रकम मिलने से जुड़े साक्ष्य पाए गए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्वी चंपारण के रहने वाले हैं दोनों संदिग्ध
गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान अजित पांडेय, निवासी बरवां नंबर, थाना रामगढ़वा, और सत्य कुमार, निवासी सतबरिया, थाना छौड़ादानो, जिला पूर्वी चंपारण के रूप में हुई है। सत्य कुमार का वर्तमान ठिकाना रक्सौल बताया गया है।
विशाखापत्तनम पुलिस कर रही आगे की जांच
फिलहाल, मामले में विशाखापत्तनम पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और डिजिटल संपर्कों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस गतिविधि में अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।
मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर आशंकाओं के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।


