महासप्तमी की शाम तेज बारिश से बचने के लिए उमड़ी भीड़, संकरे कॉरिडोर में दबे दर्शनार्थी; मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
Kolkata News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच महासप्तमी की शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। प्रशासन ने तत्काल पंडाल को बंद कर दिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। वह अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज और स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। प्रशासन की ओर से सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
बारिश से बचने के दौरान मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महासप्तमी की शाम उत्तर और मध्य कोलकाता में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए पूजा पंडाल के बाहर कतार में खड़े सैकड़ों दर्शनार्थियों ने एक साथ अंदर जाने की कोशिश की। इस दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।
पंडाल के अंदर दर्शनार्थियों की आवाजाही के लिए 360 डिग्री का गोलाकार एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया था। बताया जा रहा है कि भीड़ का दबाव बढ़ने से इसी संकरे रास्ते में कई लोग गिर पड़े। पीछे से आ रही भीड़ के कारण उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और कई लोग कुचल गए। इस हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई।
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल
कोलकाता मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में 13 महिलाएं, तीन पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। घायलों को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी ऑब्जर्वेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। इनमें से 11 गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि हादसे के समय मौके पर पर्याप्त पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे। इससे राहत कार्य शुरू करने में परेशानी हुई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को पूजा समिति के सदस्यों से पूछताछ करने और सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के जरिए हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही का पता लगाया जाएगा।
चोरबगान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति को इस वर्ष राज्य की सर्वश्रेष्ठ पूजा की सूची में तीसरा स्थान मिला था। पंडाल की थीम ‘अरब’ (बियॉन्ड साउंड) पर आधारित थी। इसी थीम के तहत बनाया गया विशेष कॉरिडोर हादसे का केंद्र बन गया। घटना के बाद पूजा आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।



