कांके के रिंग रोड इलाके में हथियार के बल पर परिवार को बनाया बंधक, डॉग स्क्वॉयड और तकनीकी टीम ने शुरू की जांच
Ranchi News: रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित रिंग रोड इलाके में मंगलवार की अहले सुबह हथियारबंद अपराधियों ने कृषि विभाग में कार्यरत रामाशंकर प्रसाद के घर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। अपराधी घर से 10 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये के कीमती गहने लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर कांके थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

कार से पहुंचे अपराधियों ने परिवार को बनाया बंधक
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब पांच अपराधी एक कार से रामाशंकर प्रसाद के तीन मंजिला मकान में पहुंचे थे। घर में प्रवेश करने के बाद अपराधियों ने हथियार दिखाकर परिवार के सदस्यों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखी नकदी और कीमती गहनों की तलाश की और लूटपाट कर फरार हो गए।
गृहस्वामी की ओर से फिलहाल 10 लाख रुपये नकद लूटे जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा कितने गहने लूटे गए और उनकी कुल कीमत कितनी है, इसका आकलन अभी नहीं हो सका है। अपराधियों ने घर में किस रास्ते से प्रवेश किया और कितनी देर तक वारदात को अंजाम दिया, इसकी विस्तृत जानकारी भी सामने नहीं आई है।
डॉग स्क्वॉयड और तकनीकी टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद कांके थाना पुलिस के साथ डॉग स्क्वॉयड और तकनीकी जांच टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घर और आसपास के इलाके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर अपराधियों के हुलिए, उनके आने-जाने के रास्ते और वारदात में इस्तेमाल कार के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस आसपास के इलाकों में अपराधियों की गतिविधियों और उनके भागने के संभावित रास्तों की भी जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले में किसी अपराधी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
अपराधियों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी ने बताया कि इस डकैती में करीब छह अपराधियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। गृहस्वामी ने फिलहाल 10 लाख रुपये नकद लूटे जाने की बात बताई है। लूटे गए गहनों की संख्या और उनकी कीमत के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने करीब पांच अपराधियों के घर में घुसने की बात कही है। पुलिस अधिकारी के बयान और स्थानीय लोगों की जानकारी में अपराधियों की संख्या को लेकर अंतर है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।


