Deoghar News: उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों से सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का दायित्व केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से समाज के कल्याण और मानवता की सेवा करना भी है। चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे युवाओं को अपने पेशे में संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा बनाए रखना चाहिए।
उप राष्ट्रपति शनिवार को देवघर के देवीपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दूसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और संस्थान के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। उप राष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संबोधन से पहले उन्होंने बाबा बैद्यनाथ को नमन किया।

सेवा और संवेदनशीलता को बनाएं जीवन का मंत्र
समारोह को संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं को अपने ज्ञान और दक्षता का इस्तेमाल जनहित, सामाजिक उत्थान और मानव सेवा के लिए करना चाहिए। चिकित्सा का क्षेत्र सीधे तौर पर मानव जीवन से जुड़ा है। ऐसे में चिकित्सकों के लिए मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, समर्पण और जिम्मेदारी की भावना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करने का संदेश दिया।
वर्ष 2014 से पहले देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 थी, जो बढ़कर 846 हो गई है
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 थी, जो बढ़कर 846 हो गई है। उनके अनुसार, एम्स देवघर जैसे संस्थान संतुलित और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक राज्य, जिले और गांव में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तथा उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के अवसरों में वृद्धि देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
उपराष्ट्रपति ने एम्स देवघर के दीक्षांत समारोह में स्नातक होने वाले 173 विद्यार्थियों में से 132 छात्राओं की संख्या पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा महिला सशक्तिकरण से आगे बढ़कर महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में देश की प्रगति को दर्शाता है। साथ ही, यह शिक्षा की उस परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित करता है, जो महिलाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को साकार करने के अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने स्नातकों से उन समुदायों के साथ जुड़े रहने का आग्रह किया, जिनकी सेवा के उद्देश्य से संस्थान की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि युवा स्वास्थ्य पेशेवरों को अपने ज्ञान का उपयोग जरूरतमंदों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए करना चाहिए।
सीपी राधाकृष्णन ने युवा चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), टेलीमेडिसिन और डिजिटल निदान जैसी उभरती तकनीकों को जिम्मेदारी के साथ अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में हो रही प्रगति का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दूरदराज के गांवों और वंचित समुदायों तक भी पहुंचना चाहिए।
उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही, रोगियों की देखभाल में नर्सिंग पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी जरूरी है।
मानव सेवा हमारी पुरानी परंपरा : राज्यपाल
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी में आयोजित एम्स के दीक्षांत समारोह में उप राष्ट्रपति की उपस्थिति गर्व का विषय है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और अभिभावकों को भी बधाई दी। राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन की रक्षा करना और लोगों की पीड़ा कम करना हमारी पुरानी परंपरा रही है। इस परंपरा को आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और दक्षता से जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए तथा समाज के वंचित वर्गों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए देवघर पहुंचे उप राष्ट्रपति का एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष गंगवार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर समेत अन्य अधिकारियों ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा, देवघर विधायक सुरेश पासवान, एम्स के निदेशक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह ने चिकित्सा शिक्षा के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों के महत्व को भी रेखांकित किया।


