Bhagalpur News: नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से वृद्धि होने लगी है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इस्माईलपुर-बिंदटोली के पास गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
केंद्रीय जल आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा का जलस्तर 31.60 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी फिलहाल लाल निशान से करीब तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी रहने के कारण आसपास के दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

जल संसाधन विभाग के अनुमान के अनुसार अगले 72 से 96 घंटे के दौरान गंगा के जलस्तर में करीब एक मीटर तक और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
राघोपुर में भी गंगा के जलस्तर में पिछले 12 घंटे के दौरान 14 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। यहां जलस्तर 32.71 मीटर पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर 32.68 मीटर से ऊपर है। हालांकि यह अभी खतरे के निशान 33.68 मीटर से नीचे है।
इधर, मदरौनी में कोसी नदी भी लगातार बढ़ रही है। पिछले 12 घंटे में कोसी के जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की वृद्धि हुई और यह 30.87 मीटर तक पहुंच गया। यह चेतावनी स्तर 30.48 मीटर को पार कर चुका है और खतरे के निशान 31.48 मीटर की ओर बढ़ रही है। वहीं जेबी चोरहर में कोसी का जलस्तर 31.36 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 31.77 मीटर से 41 सेंटीमीटर नीचे है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर से इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध और उसके संवेदनशील स्परों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग के फील्ड इंजीनियरों और अभियंताओं को मुख्यालय में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
फिलहाल विभाग ने प्रमुख तटबंधों को सुरक्षित और स्थिति को नियंत्रण में बताया है। हालांकि प्रशासन ने दियारा एवं निचले क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की है।


