New Delhi News: भारतीय निशानेबाजी के लिए एशियाई खेलों में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। नीरू ढांडा ने महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ नीरू इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला निशानेबाज बन गई हैं।
नीरू ने फाइनल में बेहतरीन निशानेबाजी करते हुए 30 में से 28 शॉट लक्ष्य पर लगाए। चीन की यूनॉन्ग सुन ने 26 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। नीरू के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में लंबे समय से चले आ रहे पदक के इंतजार को भी खत्म कर दिया।
महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा को वर्ष 1990 में एशियाई खेलों में शामिल किया गया था। इसके बाद से भारतीय निशानेबाजों ने इस स्पर्धा में पदक के लिए लंबा इंतजार किया। 2022 के हांगझोउ एशियाई खेलों तक भारत इस स्पर्धा में पदक हासिल नहीं कर सका था। आइची-नागोया में नीरू ढांडा ने इस इंतजार को खत्म करते हुए भारत के लिए इस स्पर्धा का पहला पदक जीता और वह भी स्वर्ण पदक के रूप में।
नीरू की उपलब्धि केवल स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं रही। उन्होंने फाइनल में 28 अंक हासिल कर नया एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया। महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा का पिछला एशियन रिकॉर्ड 24 अंक था। यह रिकॉर्ड चीनी ताइपे की वान यू लियू ने 19 जनवरी 2026 को बनाया था। नीरू ने अपने प्रदर्शन से इस रिकॉर्ड में चार अंकों का सुधार किया।
महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में भारत को पहली बार स्वर्ण दिलाने वाली नीरू की उपलब्धि भारतीय निशानेबाजी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी सफलता से इस स्पर्धा में भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए नया अध्याय जुड़ गया है।
पुरुषों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भारत पहले भी कई पदक जीत चुका है। रंधीर सिंह ने 1978 बैंकॉक एशियाड में स्वर्ण और 1982 नई दिल्ली एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। मानवजीत सिंह संधू ने 2006 दोहा एशियाड में रजत पदक हासिल किया था। इसके बाद लक्ष्य श्योरण ने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में रजत और किनन चेनाई ने 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता। नीरू ढांडा के स्वर्ण पदक ने अब एशियाई खेलों की ट्रैप शूटिंग में भारतीय महिला निशानेबाजी की उपलब्धियों को नई पहचान दी है।


