Giridih News: जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा नियुक्ति मामले की जांच कर रही सीआईडी ने बुधवार को गिरिडीह में कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर के मानगो में पदस्थापित फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। सीआईडी की टीम ने गावां थाना पुलिस के सहयोग से संजय कुमार को उनके पैतृक आवास पिहरा से हिरासत में लिया। इसके बाद टीम उन्हें पूछताछ के लिए रांची ले गई।
जानकारी के अनुसार संजय कुमार वर्तमान में जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में फूड इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा से जुड़े मामले में उनकी संभावित भूमिका और कनेक्शन की जांच के लिए सीआईडी ने यह कार्रवाई की है। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अभी तक संजय कुमार की भूमिका को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर संजय कुमार से पूछताछ की जा रही है। बुधवार को सीआईडी की टीम उनके पैतृक आवास पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई। मामले में पूछताछ के बाद ही उनकी भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा नियुक्ति से जुड़े मामले की जांच पिछले कुछ समय से सीआईडी कर रही है। जांच के दौरान एजेंसी की ओर से परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों, कथित एजेंटों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसी क्रम में अब जांच का दायरा गिरिडीह तक पहुंचा है।
इससे पहले 28 अगस्त को सीआईडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह शामिल थे। इसके बाद जांच एजेंसी ने गिरिडीह के बेंगाबाद क्षेत्र में भी कार्रवाई की थी। वहां जेएसएससी-सीजीएल में सफल एएसओ समीर कुमार उर्फ शालू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
जेएसएससी-सीजीएल नियुक्ति मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के बीच बुधवार को फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार को हिरासत में लिए जाने से जांच का दायरा और बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि, उनके खिलाफ आरोपों या उनकी कथित भूमिका को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सीआईडी की पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही मामले में उनकी भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल जांच एजेंसी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और संदिग्ध कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।


