Jharkhand News : रांची, 07 अगस्त (हि.स.)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को सदर अस्पताल पहुंचकर जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच तथा युवाओं के अधिकारों की मांग को लेकर अनशन कर रहे छात्रों का हाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से राहुल क्रांति और ब्रजकिशोर के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।
दोनों छात्र पिछले 14 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को राहुल क्रांति की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं, कोडरमा निवासी छात्र ब्रजकिशोर भी लगातार बारिश के बीच धरना देने के कारण अस्वस्थ बताए जा रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने दोनों छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि सरकार की कथित संवेदनहीनता के कारण युवाओं को अपनी जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे भी लंबी लड़ाई लड़नी है और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहना चाहिए।
राहुल क्रांति के मामले का जिक्र करते हुए मरांडी ने कहा कि छात्र ने संबंधित परीक्षा में हिस्सा लिया था और अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद उसका चयन नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में परीक्षा परिणाम अलग-अलग चरणों में जारी किए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों के सामने कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं।
मरांडी के मुताबिक, राहुल क्रांति ने अपने परिणाम और चयन से जुड़े मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने दावा किया कि अदालत से छात्र के पक्ष में फैसला आने के बावजूद जेएसएससी की ओर से उसे नियुक्ति नहीं दी गई। अब सरकार और जेएसएससी ने उच्च न्यायालय की डबल बेंच में अपील की है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि सरकार संवेदनशील होती तो अदालत के फैसले के बाद छात्र का साक्षात्कार लेकर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा सकती थी। उन्होंने आशंका जताई कि डबल बेंच से भी छात्र के पक्ष में फैसला आने के बाद मामला उच्चतम न्यायालय तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र पढ़ाई करें या वर्षों तक अदालतों में मुकदमा लड़ते रहें।
मरांडी ने जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और सचिव समेत महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाने की मांग की। साथ ही कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 के बाद राज्य में आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। मरांडी ने कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं की लड़ाई केवल व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यह रोजगार और न्याय की मांग कर रहे झारखंड के युवाओं की आवाज है।
मौके पर प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी राहुल अवस्थी और रजनीश पांडेय भी मौजूद रहे।


