Nawada News: नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 13 एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला कस्टम डेटा बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार सभी आरोपित लोगों को फाइनेंस कंपनियों के नाम पर झांसा देकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में पकरीबरावां के एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के झौर और पैंगरी गांव के आसपास कुछ युवक साइबर ठगी के धंधे में सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें वारिसलीगंज थाना पुलिस, स्वाट टीम और वज्र टीम को शामिल किया गया।
टीम ने सबसे पहले कोंचगांव पंचायत के झौर गांव के पश्चिम स्थित बगीचे में छापेमारी की। यहां से प्रेमन कुमार, विनोद मांझी, विश्वकर्मा मांझी सहित तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया। इसके तुरंत बाद पैंगरी गांव स्थित सरकारी समरसेबल के पास छापेमारी कर प्रेमचंद राम और प्रशांत कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम पर लोगों को कॉल कर धोखाधड़ी कर रहे थे।
एसडीपीओ ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे, जिससे आरोपितों को कार्रवाई की भनक नहीं लगी और उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया। हालांकि अभियान के दौरान कुछ अन्य साइबर अपराधी भागने में सफल रहे। उनकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने मौके से 13 एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल और पांच पन्नों का कस्टम डेटा जब्त किया है। शुरुआती जांच में यह डेटा साइबर ठगी के लिए तैयार किया गया प्रतीत होता है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार सभी आठ आरोपितों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। बरामद मोबाइल और डिजिटल दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया और इसके तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि नवादा जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, फर्जी फाइनेंस ऑफर या ओटीपी संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।


