Ranchi News:- झारखंड में बढ़ती ठंड और शीतलहरी ने राज्यभर में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गई है। इसी क्रम में गुरुवार को आपदा प्रबंधन प्रभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर सभी 24 जिलों को कुल 79 लाख रुपये की त्वरित राहत राशि उपलब्ध कराई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों को बिना देरी लागू किया जाए, ताकि आम जनता को ठंड से तुरंत राहत मिल सके।
डॉ. अंसारी ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिया कि सभी प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर फौरन अलाव की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय विशेष पहल के रूप में जिला प्रशासन की चलंत टीमें सक्रिय रहेंगी। इन टीमों का दायित्व रहेगा कि वे बेघर, बुजुर्ग, मजदूर, फुटपाथ पर रहने वाले लोगों और गरीब परिवारों तक पहुंचकर उन्हें तत्काल मदद दें।
मंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। शीतलहरी का सबसे ज्यादा प्रभाव गरीब और बेसहारा लोगों पर पड़ता है। ऐसे में राहत कार्यों में लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा, “ठंड से किसी भी व्यक्ति को पीड़ा नहीं होनी चाहिए। सभी ज़रूरतमंदों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराना ही सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।”
उन्होंने यह भी बताया कि आवंटित राशि को जिला स्तर पर जरूरत के हिसाब से खर्च किया जाएगा। हर जिले को अपने हिसाब से अलाव, गर्म कपड़ों के वितरण, अस्थायी शेल्टर और अन्य राहत कार्यों की त्वरित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इन उपायों से शीतलहरी के प्रभाव को प्रभावी रूप से कम किया जा सकेगा और विशेषकर कमजोर वर्गों को ठंड से सुरक्षा मिलेगी।
राज्य सरकार ने प्रशासन से कहा है कि राहत कार्यों की निरंतर निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

