Patna News: बिहार की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए औरंगाबाद में तैनात उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। जांच के आधार पर उनके खिलाफ केस संख्या 26/2025 दर्ज किया गया है।
सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई पटना, औरंगाबाद और जहानाबाद में संचालित की गई, जहां आरोपी अधिकारी के सरकारी कार्यालय, आवास और निजी ठिकानों की तलाशी ली गई। जांच में टीम को अब तक 10 जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें से 6 संपत्तियां पटना के मानस मार्ग/शास्त्रीनगर क्षेत्र में स्थित हैं, जो उनकी पत्नी माधुरी देवी के नाम पर दर्ज हैं। बाकी चार संपत्तियां जहानाबाद में मिली हैं, जो पत्नी व अन्य परिजनों के नाम पर पाई गईं। इन अचल संपत्तियों का मूल्य करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये आंका गया है।
छापेमारी में पटना स्थित आवास से टीम को 28 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज, बीमा पॉलिसियों और विभिन्न निवेश योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात मिले। एसवीयू की माने तो एलआईसी, एसबीआई लाइफ, यूको लाइफ और ‘ऑर्गेनियो रिसॉर्ट’ जैसे संस्थानों में करीब 1 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इन निवेशों के स्रोत और पैसों के प्रवाह (Money Trail) की गहन जांच की जा रही है।
एसवीयू अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सरकारी सेवा से अर्जित आय की तुलना में पाई गई संपत्ति कई गुना अधिक है। आजाद पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवा के दौरान 1 करोड़ 58 लाख 45 हजार 888 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। तलाशी विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा जारी वारंट पर की जा रही है।
एजेंसी का कहना है कि यह सिर्फ पहला चरण है और आगे की जांच में और भी संपत्तियों का खुलासा होने की संभावना है, क्योंकि अधिकारी और उनके परिजनों के नाम पर अन्य जिलों में भी संपत्तियों की प्राथमिक जानकारी मिल चुकी है। बैंक लेनदेन, संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन और संदिग्ध निवेश की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

