Ranchi News:- बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपितों का डांस करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद, झारखंड उच्च न्यायालय ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और उनकी खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए कई सख्त निर्देश जारी किए। अगली सुनवाई 5 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने मौखिक रूप से आदेश दिया कि दो दिनों के भीतर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में नियमित जेल सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति अवश्य की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि जेल प्रशासन की कमियों के कारण इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिन्हें रोकना आवश्यक है।
इसके साथ ही अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कैदियों तक मोबाइल फोन, चार्जर, ड्रग्स या किसी भी प्रकार की नशीली वस्तुएँ पहुंचने न पाएं। हाई कोर्ट ने जेल में सुरक्षा और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अदालत ने झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) और पुलिस विभाग को भी जेलों में समय-समय पर औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। कोर्ट का कहना था कि नियमित निरीक्षणों से जेल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलती है।
सुनवाई के दौरान जेल आईजी अदालत के समक्ष स्वयं उपस्थित हुए और उन्होंने मामले से संबंधित जानकारी पेश की। कोर्ट ने उनसे यह भी पूछा कि इस तरह की गतिविधियाँ जेल के अंदर कैसे संभव हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
उच्च न्यायालय ने इस घटना को कारागार प्रणाली की गंभीर विफलता बताते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन दोनों को यह संदेश दिया कि जेलों में कानून-व्यवस्था को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

