Patna News:- मोकामा में विपक्षी समर्थकों को मतदान से रोकने का कथित बयान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के लिए मुश्किल खड़ी कर गया है। चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें नोटिस भेजा है और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ललन सिंह विपक्षी दलों के समर्थकों को मतदान करने से रोकने की बात कहते नजर आ रहे हैं। आयोग ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना है। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
राजद ने इस वीडियो को साझा करते हुए ललन सिंह पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया। राजद ने लिखा, “केंद्रीय मंत्री गरीबों को वोटिंग के दिन घर से निकलने से रोकने की बात कर रहे हैं। यह लोकतंत्र का खुला उल्लंघन है। चुनाव आयोग चुप क्यों है?”
इस मामले में पटना जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “वीडियो निगरानी टीम द्वारा जांच के बाद ललन सिंह उर्फ़ राजीव रंजन सिंह के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।”
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ललन सिंह चुनाव आयोग के नोटिस का क्या जवाब देते हैं और आयोग आगे क्या कार्रवाई करता है।
यह मामला चुनावी माहौल के बीच मतदान की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

