Bhagalpur News:-भागलपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अंदरूनी खींचतान आखिरकार थमती नजर आ रही है। पार्टी नेतृत्व द्वारा रोहित पांडे को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उठे विरोध के स्वर अब शांत हो गए हैं। भाजपा की दो प्रमुख दावेदार—डॉ. प्रीति शेखर और डॉ. अर्जित शाश्वत चौबे—ने बागी रुख छोड़कर पार्टी उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान किया है।
शुरुआती दौर में टिकट नहीं मिलने से नाराज डॉ. प्रीति शेखर, डॉ. अर्जित चौबे और मनीष दास जैसे कई नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया था। इससे भाजपा खेमे में असंतोष बढ़ गया था। हालांकि केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप और बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने अपना निर्णय बदलते हुए भाजपा प्रत्याशी रोहित पांडे के समर्थन में काम करने का फैसला लिया।
प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट डॉ. प्रीति शेखर ने बताया कि उन्हें पटना बुलाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात कर समझाया। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ भी उनके आवास पर पहुंचे और संवाद किया। इसके बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने और पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने का निर्णय लिया।
डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में सराहा है और भरोसा दिलाया है कि पार्टी भविष्य में उनकी भूमिका को लेकर सकारात्मक सोच रखेगी। उनके इस निर्णय के बाद भाजपा प्रत्याशी रोहित पांडे उनके घर पहुंचे और समर्थन के लिए आभार जताया।
वहीं, अर्जित शाश्वत चौबे ने बताया कि उनके पिता और भाजपा सांसद अश्विनी चौबे ने उनसे फोन पर बात कर कहा कि “तुम भाजपा में हो और भाजपा में ही रहोगे।” पिता के आदेश का सम्मान करते हुए उन्होंने निर्दलीय नामांकन नहीं करने का फैसला लिया।
इस सुलह के बाद भाजपा और एनडीए खेमे में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। नेताओं का मानना है कि एकजुटता के इस संदेश से भागलपुर में चुनावी समीकरण अब भाजपा के पक्ष में मजबूती से झुक गए हैं।

