Patna News:- राजद सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। तीनों को सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होना है, जहां “जमीन के बदले नौकरी” मामले में अदालत अपना फैसला सुना सकती है।
गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 25 अगस्त 2025 को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने अगली तारीख 13 अक्टूबर तय की थी
सीबीआई की जांच के मुताबिक, वर्ष 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, उस दौरान पश्चिम-मध्य रेलवे (जबलपुर जोन) में ग्रुप-डी पदों पर भर्तियां की गईं। आरोप है कि नौकरी के बदले उम्मीदवारों से लालू यादव के परिवार और करीबी लोगों के नाम पर जमीन ट्रांसफर करवाई गई।
इस मामले में 18 मई 2022 को सीबीआई ने लालू यादव, राबड़ी देवी, उनकी दो बेटियों और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
तेजस्वी बोले — “कोर्ट ने बुलाया है, इसलिए जा रहा हूं”दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,
“कोर्ट ने बुलाया है, इसलिए जा रहा हूं। विपक्ष के लोग मेरी नौकरी योजना को लेकर परेशान हैं, लेकिन मैंने जो कहा है, उसे पूरा करूंगा। हर उस परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी, जिसके घर में कोई सरकारी नौकरी नहीं है।”
तेजस्वी ने कहा कि जब राजद सरकार में थी, तब लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली थी।“बिहार के युवा जानते हैं कि उनके लिए काम कौन कर सकता है,” — तेजस्वी यादव ने कहा।
अगर अदालत का फैसला लालू परिवार के खिलाफ जाता है तो यह राजद के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। वहीं, बरी होने की स्थिति में पार्टी इसे अपनी “राजनीतिक जीत” के रूप में पेश कर सकती है।

