Chaibasa News:- नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों को सिर्फ नक्सलियों से ही नहीं बल्कि प्राकृतिक खतरों से भी लगातार जूझना पड़ता है। इसी कड़ी में मंगलवार की देर रात छोटानागरा थाना क्षेत्र के नूरधा जंगल में चल रहे सर्च अभियान के दौरान 209 कोबरा बटालियन के एक जवान की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, रात करीब एक बजे ड्यूटी के दौरान कोबरा बटालियन के कांस्टेबल संदीप कुमार को अचानक एक जहरीले सांप ने काट लिया। साथी जवानों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए ले जाया, लेकिन गंभीर हालत में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बुधवार को आईजी अभियान माइकल राज एस ने घटना की पुष्टि की।
यह पहली बार नहीं है जब पश्चिमी सिंहभूम के घने जंगलों में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा बलों की जान गई हो। यहां नक्सली गतिविधियों के साथ-साथ आकाशीय बिजली, जहरीले सांप, बिच्छु और मलेरिया जैसी बीमारियां भी जवानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसी साल 5 मई को सारंडा जंगल में आकाशीय बिजली गिरने से सीआरपीएफ 26 बटालियन के सेकेंड इन कमांड प्रबो सिंह शहीद हो गए थे, जबकि तीन अन्य जवान घायल हुए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में अभियान चलाने के दौरान जवानों को प्राकृतिक आपदाओं और जहरीले जीव-जंतुओं से बचाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की जरूरत है। स्थानीय लोग बताते हैं कि नूरधा और आसपास का इलाका सांप और बिच्छुओं के लिए कुख्यात है। बरसात और उमस भरे मौसम में इनका खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।
कोबरा बटालियन देश के सबसे प्रशिक्षित बलों में से एक है, जिसे खास तौर पर नक्सल विरोधी अभियानों के लिए तैयार किया गया है। लेकिन लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि जवानों की सुरक्षा के लिए केवल हथियार ही नहीं, बल्कि मेडिकल सुविधाओं और प्राकृतिक खतरों से निपटने के लिए भी विशेष इंतजाम करने की सख्त जरूरत है।

