Jamshedpur News:- टाटानगर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 17 नाबालिग लड़कियों और तीन लड़कों को संदिग्ध हालात में रेस्क्यू किया। फिलहाल सभी बच्चों को पुलिस अभिरक्षा में करनडीह स्थित एक सेंटर भेज दिया गया है, जहां उनकी देखरेख की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर में बच्चों को एक ईसाई फादर और महिला सिस्टर के साथ देखा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों के पास न तो कोई पहचान पत्र था और न ही कोई अभिभावक मौजूद था। संदेह के आधार पर जब उनसे पूछताछ की गई तो बच्चे सहमे हुए दिखे और सभी गरीब परिवारों से आने वाले प्रतीत हो रहे थे।
इसके बाद तुरंत रेलवे प्रशासन और जीआरपी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी बच्चों को अपनी अभिरक्षा में लेकर थाने ले आई। पूछताछ में फादर ने बताया कि वे बच्चों को करनडीह स्थित एक सेंटर में दो दिन की ट्रेनिंग के लिए ले जा रहे थे। इस बयान के बाद पुलिस ने बच्चों को उसी सेंटर में भेज दिया।
शनिवार को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परिवार के हवाले किया जाएगा। वर्तमान में बच्चे सेंटर में सुरक्षित हैं।
वहीं, इस घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने करनडीह सेंटर की गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जांच में धर्मांतरण जैसी गतिविधियां सामने आती हैं तो संगठन उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।
फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन पूरा होने तक बच्चों को परिवार को नहीं सौंपा जाएगा।

