Jamshedpur News:- सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर ठगी का शिकार बनाने का एक बड़ा मामला जमशेदपुर से सामने आया है। कदमा थाना क्षेत्र के रामनगर रोड नंबर 2 निवासी दीक्षा महतो से उनके पड़ोसी प्रसन्नजीत नाहा ने 9.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगी को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पीड़िता को फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपकर भरोसा दिलाने की कोशिश भी की। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दीक्षा महतो ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर पड़ोसी ने उनसे बड़ी रकम ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी प्रसन्नजीत नाहा के पास से एक लैपटॉप, फर्जी जॉब ऑफर लेटर, नकली मार्कशीट और कृषि विभाग, खनन विभाग व आयकर विभाग की जाली मुहरें बरामद कीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी इसी तरह कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठग चुका है। हालांकि, इस बार पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद उसकी करतूतों का भंडाफोड़ हो गया।
पुलिस जांच में पता चला है कि प्रसन्नजीत नाहा मूल रूप से असम के जोरहट जिले के बासबाड़ी गांव का रहने वाला है। वह कब से कदमा में रह रहा था और यहां किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है, इसकी गहन पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों और ठगी के शिकार हुए संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। इस मामले ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।

