Ranchi News:- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को दी गई डॉक्टरेट की मानद उपाधि पर कड़ा सवाल उठाया है। झामुमो के केंद्रीय सदस्य और मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि ऐसी प्रतिष्ठित उपाधि केवल उन्हीं व्यक्तियों को दी जानी चाहिए जिन्होंने शिक्षा, समाजसेवा, विज्ञान या कला जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया हो। दुबे ने कहा कि यदि डॉक्टरेट जैसी उपाधियां राजनीतिक समीकरणों या निजी संबंधों के आधार पर बांटी जाएंगी, तो इससे न केवल शिक्षा संस्थानों की साख, बल्कि उपाधियों की गरिमा भी प्रभावित होगी। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक प्रभावों से मुक्त रहकर योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर निर्णय लें।
धीरज दुबे ने रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय (आरसीयू) पर छात्रों के मूल प्रमाण पत्र फीस के कारण रोकने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह समस्या कई छात्रों के भविष्य के लिए चुनौती बन गई है और इससे उनकी उच्च शिक्षा अथवा नौकरी के अवसर बाधित हो रहे हैं।
झामुमो नेता ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की है और शिक्षा विभाग से उच्चस्तरीय जांच की अपेक्षा जताई है।

