New Delhi News:- दिल्ली स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कार्यालय में तैनात सहायक लेखा अधिकारी (AAO) धर्मेंद्र कुमार वर्मा को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वर्मा पर एक व्यक्ति से वेतन और बकाया बिलों के भुगतान के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एएओ वर्मा ने उसके लंबित वेतन और बिलों का भुगतान करने के लिए 15 से 20 प्रतिशत की रिश्वत की मांग की थी, जो कुल मिलाकर करीब दो लाख रुपये तक पहुंचती थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई ने योजना के तहत जाल बिछाया और 18 जुलाई को आरोपी को 40,000 रुपये की पहली किश्त लेते समय धर दबोचा।
वर्मा को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह रकम उसकी कुल मांग की पहली किस्त थी। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब आगे की जांच जारी है।
एजेंसी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन कर्मचारी या अधिकारी शामिल हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध संपर्कों और लेन-देन का सुराग भी मिला है। आरोपी धर्मेंद्र वर्मा को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सीबीआई की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि केंद्र सरकार के संस्थानों में भ्रष्टाचार के प्रति एजेंसियां पूरी तरह से सख्त हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

