Dehradun News:- उत्तरकाशी जिले के पालीगाड़ क्षेत्र में शनिवार को हुए बादल फटने और भूस्खलन की गंभीर घटना के बाद राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। अब तक मलबे में दबे नौ श्रमिकों में से दो के शव बरामद किए गए हैं, जबकि शेष सात श्रमिकों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।
उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, सिलाई बैंड के पास एक निर्माणाधीन होटल के निकट श्रमिकों के लिए बनाए गए शेड में 29 श्रमिक ठहरे हुए थे। शनिवार को अतिवृष्टि और बादल फटने के चलते हुए भूस्खलन में 9 श्रमिक मलबे में दब गए, जबकि 20 श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
मौके पर राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम, एनडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम, 2 डॉग स्कॉड के साथ, आईटीबीपी मातली की 22 सदस्यीय विशेष टीम, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं।
अपर जिलाधिकारी उत्तरकाशी, उप जिलाधिकारी बड़कोट और तहसीलदार बड़कोट मौके पर मौजूद हैं और राहत व बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़, कुथनौर और झज्जरगाड़ स्थानों पर भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इससे क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है।
भूस्खलन से 400 मीटर विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे यमुनोत्री धाम सहित लगभग 30 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। विभागीय टीमें लाइन बहाल करने में जुटी हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

