Ranchi News:- झारखंड सरकार ने राज्यवासियों के लिए एक अहम और मानवीय निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सोमवार को घोषणा की कि अब राज्य के किसी भी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद शव को अस्पताल में रोका नहीं जाएगा। अस्पताल प्रशासन को अनिवार्य रूप से शव तुरंत परिजनों को सौंपना होगा, ताकि अंतिम संस्कार में देरी न हो और परिजन मानसिक रूप से अधिक बोझ महसूस न करें।
इस फैसले की जानकारी मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दी। उन्होंने लिखा कि यह कदम मानवीय संवेदना और कांग्रेस की सेवा-भावना को दर्शाता है। मंत्री ने कहा कि अब कोई भी गरीब व्यक्ति अपने परिजन के शव को छुड़ाने के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटेगा।
डॉ. अंसारी ने बताया कि कई बार आर्थिक तंगी के कारण लोग अस्पतालों से शव लेने में असमर्थ रहते थे। इससे न केवल मृतक के परिवार को मानसिक कष्ट होता था, बल्कि अंतिम संस्कार में भी अनावश्यक देरी होती थी। अब इस नई नीति के तहत, सभी वर्गों के लोगों को अपने प्रियजन को सम्मानजनक विदाई देने में सुविधा होगी।
इस नई व्यवस्था से खासकर गरीब और वंचित वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। राज्य के कई सामाजिक संगठनों और आम जनता ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे एक संवेदनशील व जनहितकारी पहल बताया है।
झारखंड सरकार का यह फैसला न सिर्फ प्रशासनिक सुधार का संकेत है, बल्कि यह यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार आमजन के प्रति संवेदनशील है।

