Close Menu
Today Post Live
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, 16 March 2026 || 01:17
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • News Submit
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Today Post Live
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राजनीति
    • चुनाव
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामतारा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हज़ारीबाग
    • बिहार
      • अररिया
      • अरवल
      • औरंगाबाद
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • गया
      • गोपालगंज
      • जमुई
      • जहांबाद
      • दरभंगा
      • नवादा
      • नालंदा
      • पटना
      • पश्चमी चंपारण
      • पुरनिया
      • पूर्वी चंपारण
      • बक्सर
      • बांका
      • बेगूसराय
      • भभुआ
      • भागलपुर
      • भोजपुर
      • मधुबनी
      • मधेपुरा
      • मुंगेर
      • मुजफ्फरपुर
      • रोहतास
      • लखीसराय
      • वैशाली
      • शिवहर
      • शेखपुरा
      • समस्तीपुर
      • सारण
      • सहरसा
      • सिवान
      • सीतामढ़ी
      • सुपौल
    • व्यापार
    • खेल
      • क्रिकेट
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
      • हॉलीवुड
    • शिक्षा
    Today Post Live
    Home»Headline»रिम्स पार्ट-2 की बात करने वाली सरकार गरीबों को एम्बुलेंस देने में असमर्थ : राफिया
    Headline

    रिम्स पार्ट-2 की बात करने वाली सरकार गरीबों को एम्बुलेंस देने में असमर्थ : राफिया

    टुडे पोस्ट लाइवBy टुडे पोस्ट लाइवJune 22, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
    WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

    एंबुलेंस समय पर न पहुंच पाने के कारण एक मासूम की

    Ranchi News:  भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने रविवार को कहा कि रिम्स पार्ट-2 की बात करने वाली सरकार ग़रीबों को एम्बुलेंस देने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ‘सभी को स्वास्थ्य’ का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हालात इतने भयावह हैं कि गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति समय पर अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहा। यह एक साधारण प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।”

    राफिया ने “गोड्डा जिले में एक मासूम बच्ची की मृत्यु की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी मानवता को झकझोर देने वाली त्रासदी है। केवल एंबुलेंस समय पर न पहुंच पाने के कारण एक मासूम की जान चली गई, जबकि परिजनों ने बार-बार सहायता के लिए कॉल किए। इसी तरह की एक और घटना चतरा जिले में घटी, जहां सुकुल भुइयां की मौत भी एंबुलेंस की देरी के कारण हुई। इन घटनाओं ने यह साफ़ कर दिया है कि झारखंड में एंबुलेंस सेवा लगभग निष्क्रिय हो चुकी है।”

    उन्होंने राज्य में एंबुलेंस सेवा की स्थिति पर राफिया ने कहा, ”झारखंड में 32 प्रतिशत सेवा-योग्य एंबुलेंसे बंद हालत में हैं। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब जनता के टैक्स से इन सेवाओं को चलाया जा रहा है तो फिर रखरखाव और मरम्मत के लिए धन का प्रबंधन क्यों नहीं हो रहा? उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में एंबुलेंस निष्क्रिय हैं तो यह सीधे तौर पर जनता की जान के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने यह भी कहा, ”राज्य में केवल वाहनों की ही नहीं, बल्कि संसाधनों और मानवबल की भी गंभीर कमी है। कई जिलों में एक ही एंबुलेंस पर पूरा प्रखंड निर्भर है। कई गाड़ियों में प्रशिक्षित चालक और सहायक कर्मियों की भारी कमी है, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं”।

    उन्होंने इसे “संवेदनशील शासन के खोखले दावे” करार दिया। उन्होंने एक और महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किया कि एंबुलेंस सेवा में कार्यरत कई कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है“। ऐसे में सरकार उनसे लगातार सेवा की अपेक्षा कैसे कर सकती है, जबकि उन्हें उनकी मेहनत का पारिश्रमिक समय पर नहीं मिल रहा?” उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कर्मचारियों का मनोबल टूटता है और सेवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

    राफिया ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर गंभीर चिंता जताते हुए झारखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग से कहा कि पहली प्राथमिकता निष्क्रिय एंबुलेंसों की तत्काल मरम्मत होनी चाहिए ताकि वे फिर से सेवा में आ सकें। साथ ही, प्रत्येक 10,000 जनसंख्या पर कम-से-कम एक एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एक स्वतंत्र निगरानी समिति के गठन की भी आवश्यकता बताई, जो हर माह सेवाओं की समीक्षा कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे। अंततः, उन्होंने उन अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जिनकी लापरवाही से आम नागरिकों की जान गई।

    WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
    BJP spokesperson Rafia Naz statement Jharkhand government health system Jharkhand healthcare crisis no ambulance for the poor RIMS part-2 criticism गरीबों को एम्बुलेंस नहीं झारखंड सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था झारखंड हेल्थकेयर क्राइसिस भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ बयान रिम्स पार्ट-2 आलोचना
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email

    Related Posts

    Dhanbad News : SIR को लेकर कांग्रेस ने शुरू की जागरूकता मुहिम, ग्रामीण इलाके में लोगों को दी जानकारी

    March 15, 2026

    Palamu News : सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, तीन दर्जन सिलेंडर मिले; चार लोग गंभीर

    March 15, 2026

    Youth Drug Addiction in Jharkhand : विधानसभा में उठा युवाओं में बढ़ती नशे की लत का मुद्दा, विशेष टास्क फोर्स की मांग

    March 14, 2026
    Social
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    • LinkedIn
    • Pinterest
    • Telegram
    • WhatsApp

    Trending News

    रिलीज से पहले विवादों में घिरी रणवीर सिंह की Dhurandhar 2, सिख समुदाय ने भेजा लीगल नोटिस

    Dhanbad News : SIR को लेकर कांग्रेस ने शुरू की जागरूकता मुहिम, ग्रामीण इलाके में लोगों को दी जानकारी

    Palamu News : सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, तीन दर्जन सिलेंडर मिले; चार लोग गंभीर

    Jasprit Bumrah को भी पड़ने लगी है मार… पाकिस्तानी सेलेक्टर की बेतुकी बयानबाजी

    Badshah Titri Song Controversy : लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी

    © 2026 TODAYPOST NEWS NETWORK. Designed by Microvalley Infotech Pvt Ltd.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.