New Delhi:- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के सिलसिले में दो स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को शरण देने और logistical सहायता मुहैया कराने का आरोप है। यह हमला बेहद वीभत्स था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
एनआईए ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम परवेज जोथर और बशीर अहमद जोथर हैं, जो पहलगाम के बटकोटे और हिल पार्क इलाकों के निवासी हैं। जांच में यह सामने आया है कि हमले में शामिल तीन आतंकी पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे, जिन्हें इन दोनों स्थानीय व्यक्तियों ने न सिर्फ आश्रय दिया, बल्कि भोजन और अन्य सहायता भी पहुंचाई।
आतंकी हमले से पहले इन आतंकियों को हिल पार्क के एक मौसमी ढोक (स्थानीय झोपड़ी) में छुपाकर रखा गया था। दोनों आरोपियों को अवैध गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह भी सामने आया है कि आतंकवादियों ने हमले के दौरान पर्यटकों को उनके धर्म के आधार पर चुन-चुन कर निशाना बनाया था। एनआईए की यह कार्रवाई आतंक के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। जांच एजेंसी फिलहाल पूरे नेटवर्क और हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। एनआईए का मानना है कि स्थानीय समर्थन और पनाह के बिना आतंकी इस तरह का बड़ा हमला अंजाम नहीं दे सकते थे।

