Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। 15 लाख के इनामी नक्सली कमांडर रविन्द्र गंझू उर्फ आक्रमण गंझू को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वही नक्सली है, जो एनआईए द्वारा दर्ज टेरर फंडिंग के केस में भी लंबे समय से वांटेड था। आक्रमण गंझु झारखंड बिहार का मोस्ट वांटेड टीएसपीसी संगठन का सेकंड सुप्रीमो है। इसके निशानदेही पर चतरा पुलिस को अमेरिकन राइफल सहित हथियारों का जखीरा बरामद करने में सफलता मिली है। सुत्र बताते है कि कुंभ स्नान से लौटने के क्रम में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसके निशान देही पर अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।

रविवार को चतरा एसपी विकास पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। आक्रमण गंझु पर झारखंड पुलिस 15 लाख और टेरर फंडिग के मामले में एनआईए ने तीन लाख का इनाम रखा हुआ था। उसके साथ उसकी पत्नी लावालौंग की पूर्व प्रमुख ममता देवी, चैनपुर, मांडू जिला रामगढ़ के सचिन कुमार गंझू, कुंदा के लुकुईया के अमित गंझू की भी गिरफ्तारी हुई है। आक्रमण की पत्नी लावालौंग ब्लॉक की पूर्व प्रमुख रह चुकी है। झारखंड के कई जिलों के थाने में उसपर 75 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चतरा में 49, पलामू में 10, लातेहार में 14 और हजारीबाग में दाे मामले शामिल हैं।
एसपी ने बिहार और झारखंड के सीमा में हंटरगंज के पत्सुगिया पुल के पास से एक क्रेटा कार से उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी है। एसपी विकास पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुख्यात उग्रवादी के पास से कई देशी और विदेशी हथियार बरामद किए गए हैं। झारखंड सरकार ने राज्य को नक्सली मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प को धरातल पर उतरने की दिशा में पुलिस कार्य कर रही है।
नक्सलियों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के विरुद्ध निरंतर सफलता भी मिल रही है। नक्सलियों के खिलाफ लागातर छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में एक मार्च को सूचना मिली कि टीएसपीसी संगठन का कुख्यात उग्रवादी रीजनल कमांडर आक्रमण बिहार की ओर से झारखंड होते पलामू जाने वाला है। इसी को लेकर एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने अभियान के दौरान एक गाड़ी में सवार चार लोगों को गिरफ्तार की। गिरफ्तार लोगों के पास से हथियार मिले और उनके निशानदेही पर हथियारों का जखीरा मिला है। अभियान में सीडीपीओ संदीप सुमन, चतरा सदर थाना प्रभारी विपिन कुमार, हंटरगंज थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा, सिमरिया थाना प्रभारी मानव मयंक पुलिस और सब इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र सहित जिला बल के जवान शामिल थे।
आक्रमण गंझू केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार में भी वांटेड था। पलामू, लातेहार, चतरा, हजारीबाग और बिहार के गया जिले में उसके खिलाफ 60 से भी अधिक नक्सली हमलों के मामले दर्ज हैं। खासकर, सीसीएल की आम्रपाली और मगध कोल परियोजनाओं में टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड भी वही था। गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए ने उसके खिलाफ जांच शुरू की थी। नक्सली संगठन में वह ‘रविंद्र गंझू’ और ‘आक्रमण जी’ के नाम से भी जाना जाता था। पुलिस ने आक्रमण गंझू के घर की अब तक 6 से 7 बार कुर्की की है। 2023 में भाजपा नेता राजेंद्र साहू की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। गिरफ्तार शूटरों ने पुलिस को बताया था कि इस हत्या की साजिश आक्रमण गंझू ने ही रची थी।
ये हथियार हुए बरामद
गिरफ्तार नक्सली के पास और उसकी निशानदेही पर नाइन एमएम का तीन पिस्टल, एक देशी कट्टा, नाइन एमएम का 15 जिन्दा गोली, .315 का एक गोली, एक हुंडई क्रेटा गाड़ी, विभिन्न कंपनियों का सात मोबाईल, डोंगल (राउटर)तीन, एम-16 एआई राईफल (अमेरिकन)एक , एसएलआर राईफल, .315 बोर की देशी निर्मीत राइफल दो, 7.62 एम.एम. का देशी पिस्टल एक, 7.65 एम.एम. का देशी पिस्टल तीन, देशी कट्टा एक, एम-16 एआई राईफल का मैगजीन-03, एसएलआर का मैगजीन एक, अन्य पिस्टल का मैगजीन दो, नाइन एमएम का जिन्दा गोली 4597 पीस, 5.5 एमएम का जिन्दा गोली 172 पीस, .315 एमएम का जिन्दा गोली 100 पीस, एम-16 का जिन्दा गोली 90 पीस, 7.62एमएम का जिन्दा गोली-20 राउण्ड, चितकबरा रंग का 01 मैगजीन पाउच सहित अन्य सामान बरामद किया गया है।