Palamu News:- जिले के तरहसी प्रखंड अंतर्गत उदयपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की लगभग 40 छात्राएं सोमवार को अचानक बीमार पड़ गईं। इनमें से सात की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिनीकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) मेदिनीनगर रेफर किया गया है, जबकि बाकी छात्राओं का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरहसी में चल रहा है। बीमार सभी छात्राओं ने पेट दर्द की शिकायत की।
रविवार रात और सोमवार सुबह का खाना बना वजह?
जानकारी के अनुसार रविवार की रात छात्राओं ने पूड़ी-सब्जी खाई थी। सोमवार सुबह उन्हें सोयाबीन-आलू की सब्जी और रोटी दी गई। खाना खाने के कुछ ही देर बाद छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। कई छात्राओं ने आरोप लगाया कि खाने में गड़बड़ी थी, जबकि कुछ ने बताया कि स्कूल परिसर में फिनाइल गिरने से भी समस्या हो सकती है।
वार्डन का दावा और स्थानीयों की आपत्ति
विद्यालय की वार्डन आरती कुमारी ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर छात्राएं उपवास पर थीं। उपवास के बाद भारी भोजन करने की वजह से गैस और पेट दर्द की शिकायत हुई होगी। उन्होंने सभी बीमार छात्राओं को पहले स्वास्थ्य केंद्र भेजा, फिर गंभीर छात्राओं को मेदिनीनगर रेफर कराया।
हालांकि, स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने वार्डन की इस दलील को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उपवास शनिवार को था और पारण रविवार को, जबकि घटना सोमवार को हुई है। ऐसे में उपवास को कारण बताना बचाव का बहाना है।
गंभीर बच्चियां और इलाज
गंभीर स्थिति में रेफर की गई छात्राओं में मुन्नी कुमारी (16), संजना कुमारी (15), चांदनी कुमारी (15), आइशा परवीन (16), साक्षी कुमारी (15), कांति कुमारी (14) और किरण कुमारी (15) शामिल हैं। एमएमसीएच में डॉ. आर.के. रंजन की टीम उनके इलाज में जुटी हुई है।
अभिभावकों और स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप
अस्पताल कर्मियों और फार्मासिस्ट राजेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि वार्डन ने करीब चार दर्जन बीमार बच्चियों का इलाज तो कराया, लेकिन नाम-पता दर्ज कराए बिना चुपके से भगा दिया ताकि मामला दबाया जा सके। वहीं, कई बच्चियों ने शिकायत की कि इलाज के दौरान उनके परिजनों को सूचना नहीं दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए जांच की मांग की है।

