Patna News:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। यह बैठक बिहार को नई तकनीकी और औद्योगिक दिशा देने की दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।
सबसे बड़ा निर्णय उद्योग विभाग से जुड़ा रहा। सरकार ने बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर मुहर लगा दी है। इस मिशन के तहत राज्य में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के बड़े अवसर पैदा होंगे।
एक अन्य प्रस्ताव के तहत बिहार को अगले 5 वर्षों में ग्लोबल बैक-एंड हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति कार्ययोजना तैयार करेगी और नई एज इकोनॉमी—जैसे IT, BPO, KPO, कंटेंट मैनेजमेंट और डेटा प्रोसेसिंग—को गति दी जाएगी।
बैठक में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी शीर्ष समिति के गठन को मंजूरी दी गई। यह समिति फंडिंग, स्किल डवलपमेंट और रोजगार आधारित गतिविधियों को मजबूती देने पर काम करेगी।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को भी हरी झंडी दे दी गई। इसके तहत एआई आधारित सेवाओं का विस्तार, सरकारी विभागों में AI तकनीक का इस्तेमाल और टैलेंट डवलपमेंट पर जोर रहेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक सेवाओं को तकनीक से मजबूत करने पर काम किया जाएगा।
छठा बड़ा निर्णय नगर विकास विभाग से संबंधित रहा। कैबिनेट ने 11 नए सैटेलाइट और ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करने और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद मिलों के पुनरुद्धार का फैसला भी लिया गया है। इससे उत्तर बिहार के गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने यह भी दोहराया कि सात निश्चय-2 के तहत 2020-25 तक 50 लाख युवाओं को नौ

